રવિવાર, 4 એપ્રિલ, 2010

हमने

जब तेरी याद युं सताती हे; हसते हसते रोया हे हमने।
तुम्हे पानेकी कोशिषमें अपने आपको खोया हे हमने॥

सारा जहां मिल भी जाये तो क्या करे जहां तुम नहिं हो।
जहांको पाकर आज; फिरसे आपको खोया हे हमने॥

कहेते है कि वक्त रूकता नहि हे किसीके लिये यहां।
मेरा तो वक्तभी थंभ गया; जबसे आपको खोया हे हमने॥

सांस लेते हे;बाते करते हे; सबसे मिलते हे युंहि हम।
कौन कहेता हे जिते हे हम? जबसे आपको खोया हे हमने॥

तेरी आरझु, तेरी जुत्सजु, तेरी ख्वाइश, तेरी तमन्ना।
यहि करते रहते हे हम ;जबसे आपको खोया हे हमने॥

सोये कबरमें आंख अपनी खुली रखके तेरे दिदारके लिये।
मोतको गले लगाया खुशीसे,जबसे आपको खोया हे हमने॥

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